बाबू लाल चतुर्वेदी पंचांग दिसंबर 2026 : खरमास, मोक्षदा एकादशी और विवाह मुहूर्तों की संपूर्ण जानकारी
दिसंबर का महीना वर्ष का अंतिम पड़ाव होता है, जब कड़ाके की ठंड (हेमंत ऋतु) अपने पूरे प्रभाव में होती है। बाबू लाल चतुर्वेदी पंचांग दिसंबर 2026 (Babu Lal Chaturvedi Panchang December 2026) के अनुसार, हिंदू कैलेंडर का यह महीना मुख्य रूप से मार्गशीर्ष (अगहन) और पौष मास को कवर करता है। स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने श्रीमद्भगवद्गीता में कहा है कि “महीनों में मैं मार्गशीर्ष हूँ।” इसलिए इस महीने का आध्यात्मिक महत्व बहुत अधिक है।
दिसंबर 2026 का यह महीना उन लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है जो अपने घर में शादी-विवाह या कोई मांगलिक कार्य करने की योजना बना रहे हैं, क्योंकि इसी महीने के मध्य में सूर्य देव धनु राशि में प्रवेश करेंगे, जिसके साथ ही ‘खरमास’ (Kharmas / Malmaas) लग जाएगा। खरमास लगते ही एक बार फिर से सभी शुभ कार्यों पर एक महीने के लिए रोक लग जाएगी।
आइए, भारत के सबसे प्रामाणिक बाबू लाल चतुर्वेदी कैलेंडर 2026 की 100% सटीक ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर दिसंबर माह के सभी व्रतों, एकादशियों, विवाह पंचमी, और विवाह मुहूर्तों की अंतिम तिथियों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
दिसंबर 2026 के प्रमुख त्यौहार और महापर्व
दिसंबर के महीने में भगवान राम, माता सीता और श्री कृष्ण से जुड़े कई अत्यंत पवित्र पर्व आते हैं। नीचे दिसंबर 2026 के सभी प्रमुख पर्वों की तिथियां दी गई हैं:
- 13 दिसंबर 2026 (रविवार) – विवाह पंचमी (Vivah Panchami): मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को ‘विवाह पंचमी’ कहा जाता है। त्रेता युग में इसी पावन दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम और माता सीता का विवाह संपन्न हुआ था। इस दिन राम-जानकी मंदिरों में बहुत बड़ा उत्सव होता है और रामचरितमानस का पाठ किया जाता है।
- 16 दिसंबर 2026 (बुधवार) – धनु संक्रांति एवं ‘खरमास’ का आरंभ (Kharmas Begins): यह दिसंबर 2026 की सबसे महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है। 16 दिसंबर को सूर्य देव अपनी राशि बदलकर देवगुरु बृहस्पति की राशि ‘धनु’ (Sagittarius) में प्रवेश करेंगे। सूर्य के धनु राशि में गोचर करते ही ‘धनु खरमास’ लग जाएगा। शास्त्रों के अनुसार इस 1 महीने की अवधि में सूर्य का तेज कम हो जाता है, इसलिए कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता।
- 20 दिसंबर 2026 (रविवार) – मोक्षदा एकादशी (Mokshada Ekadashi): मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोक्षदा एकादशी कहते हैं। नाम के अनुसार ही यह एकादशी मनुष्य के पितरों को नरक से निकालकर ‘मोक्ष’ प्रदान करने वाली मानी गई है। जो लोग इस दिन भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करते हैं, उनके सभी जन्मों के पाप कट जाते हैं।
- 20 दिसंबर 2026 (रविवार) – गीता जयंती (Gita Jayanti): मोक्षदा एकादशी के दिन ही द्वापर युग में कुरुक्षेत्र के मैदान में भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीता (Bhagavad Gita) का महान उपदेश दिया था। इसलिए 20 दिसंबर 2026 को पूरे विश्व में ‘गीता जयंती’ के रूप में भी मनाया जाएगा। इस दिन गीता का पाठ करना असीम पुण्यकारी है।
- 24 दिसंबर 2026 (गुरुवार) – मार्गशीर्ष पूर्णिमा / दत्तात्रेय जयंती (Dattatreya Jayanti): मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा को भगवान दत्तात्रेय का अवतरण हुआ था, जिनमें ब्रह्मा, विष्णु और महेश (शिव) तीनों का अंश माना जाता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने और गरीबों को गर्म वस्त्र व अन्न दान करने का बहुत महत्व है।
दिसंबर 2026 में विवाह मुहूर्त और खरमास का प्रभाव
नवंबर 2026 में देवोत्थान एकादशी के बाद से शादियों का जो शुभ सीज़न शुरू हुआ था, वह दिसंबर में केवल कुछ ही दिनों तक चलेगा।
शादियों का अंतिम मौका: बाबू लाल चतुर्वेदी पंचांग के अनुसार, दिसंबर 2026 में विवाह के शुभ मुहूर्त केवल 1 से 14 दिसंबर तक ही उपलब्ध रहेंगे।
खरमास का प्रतिबंध: 16 दिसंबर 2026 (बुधवार) को जैसे ही धनु संक्रांति लगेगी, वैसे ही ‘खरमास’ (मलमास) शुरू हो जाएगा। हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार खरमास के इस एक महीने में सगाई, विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, और नया वाहन या घर खरीदना पूर्ण रूप से वर्जित है। यह खरमास जनवरी 2027 के मध्य में ‘मकर संक्रांति’ (Makar Sankranti) के दिन समाप्त होगा, और उसके बाद ही शादियां दोबारा शुरू होंगी। इसलिए सभी को सलाह दी जाती है कि वे अपने मांगलिक कार्य 15 दिसंबर से पहले ही संपन्न कर लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
दिसंबर महीने में विवाह मुहूर्तों के बंद होने और खरमास को लेकर लोगों के मन में कई सवाल होते हैं। हमने बाबू लाल पंचांग के अनुसार सबसे महत्वपूर्ण प्रश्नों के सटीक उत्तर दिए हैं:
दिसंबर 2026 में खरमास (Kharmas) किस तारीख से लग रहा है?
बाबू लाल चतुर्वेदी पंचांग के अनुसार, 16 दिसंबर 2026 (बुधवार) को धनु संक्रांति के साथ ही खरमास लग जाएगा।
खरमास (मलमास) के दौरान कौन-कौन से कार्य वर्जित होते हैं?
इस एक महीने की अवधि में शादी, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन, और किसी भी नए व्यापार की शुरुआत करना पूर्ण रूप से वर्जित (मना) होता है।
मोक्षदा एकादशी 2026 का व्रत किस दिन रखा जाएगा?
पितरों को मोक्ष दिलाने वाली ‘मोक्षदा एकादशी’ का व्रत 20 दिसंबर 2026 (रविवार) को रखा जाएगा।
श्री राम-सीता के विवाह का दिन ‘विवाह पंचमी’ 2026 में कब है?
विवाह पंचमी का पावन पर्व 13 दिसंबर 2026 (रविवार) को भारत और नेपाल (जनकपुर) में बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा।
क्या विवाह पंचमी के दिन असल में शादी करना शुभ होता है?
नहीं। यद्यपि इस दिन राम-सीता का विवाह हुआ था, लेकिन माता सीता को विवाह के बाद कई कष्ट (वनवास) सहने पड़े थे। इसलिए कई लोग अपनी बेटियों का विवाह ‘विवाह पंचमी’ के दिन नहीं करते हैं।
श्रीमद्भगवद्गीता की उत्पत्ति का दिन ‘गीता जयंती 2026’ किस तारीख को है?
मोक्षदा एकादशी के दिन ही 20 दिसंबर 2026 (रविवार) को गीता जयंती मनाई जाएगी।
दिसंबर 2026 में विवाह के शुभ मुहूर्त कब तक उपलब्ध हैं?
दिसंबर 2026 में विवाह के शुभ लग्न केवल 14 दिसंबर तक ही उपलब्ध हैं। 15-16 दिसंबर से खरमास लगने के कारण शादियां बंद हो जाएंगी।
धनु संक्रांति क्या है और इसका क्या महत्व है?
जब सूर्य देव वृश्चिक राशि से निकलकर धनु राशि में प्रवेश करते हैं, तो उसे धनु संक्रांति कहते हैं। सूर्य के गुरु (बृहस्पति) की राशि में जाने के कारण ही खरमास लगता है।
दिसंबर के महीने में मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत कब है?
मार्गशीर्ष (अगहन) माह की पूर्णिमा 24 दिसंबर 2026 (गुरुवार) को मनाई जाएगी।
मार्गशीर्ष (अगहन) माह का हिंदू धर्म में क्या विशेष महत्व है?
भगवान श्री कृष्ण ने स्वयं गीता में इस महीने को अपना स्वरूप बताया है। इस महीने में पवित्र नदियों में स्नान करने और शंख पूजा का सबसे अधिक पुण्य मिलता है।
क्या दिसंबर के अंत में नए घर का निर्माण शुरू किया जा सकता है?
बिल्कुल नहीं। 16 दिसंबर के बाद से नया घर बनाना, भूमि पूजन करना या गृह प्रवेश करना अशुभ माना जाता है। आपको मकर संक्रांति (जनवरी) तक इंतजार करना चाहिए।
भगवान दत्तात्रेय की जयंती 2026 में कब मनाई जाएगी?
त्रिदेवों के अंश भगवान दत्तात्रेय की जयंती मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन 24 दिसंबर 2026 को मनाई जाएगी।
खरमास के दौरान मुख्य रूप से किस भगवान की पूजा करनी चाहिए?
खरमास के दौरान कोई मांगलिक कार्य तो नहीं होता, लेकिन इस समय भगवान सूर्य (Surya Dev) और भगवान विष्णु की पूजा और दान करने का अनंत गुना फल मिलता है।
सफला एकादशी (Safala Ekadashi) कब पड़ेगी?
वर्ष 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत (दिसंबर अंत/जनवरी शुरुआत) में पौष मास की सफला एकादशी का व्रत रखा जाएगा।
निष्कर्ष
प्रिय पाठकों, इस गहन और विस्तृत लेख में हमने बाबू लाल चतुर्वेदी पंचांग दिसंबर 2026 (Babu Lal Chaturvedi Calendar December 2026) के माध्यम से वर्ष 2026 के अंतिम महीने के सभी प्रमुख त्यौहारों, एकादशियों और विवाह मुहूर्तों की 100% सटीक जानकारी आपके सामने प्रस्तुत की है। दिसंबर का महीना जहाँ एक ओर गीता जयंती और मोक्षदा एकादशी जैसे आध्यात्मिक पर्वों से भरा है, वहीं दूसरी ओर यह ‘खरमास’ के कारण मांगलिक कार्यों पर रोक लगाने का भी संदेश देता है।
हमें पूर्ण विश्वास है कि हमारे द्वारा दिए गए पंचांग की इस एकदम प्रामाणिक जानकारी से आपको वर्ष 2026 के अंतिम दिनों के अपने सभी धार्मिक कार्यों की योजना बनाने में मदद मिली होगी। नए साल जनवरी 2027 (January 2027) में आने वाली मकर संक्रांति, खरमास समाप्ति और विवाह मुहूर्तों की शुरुआत की सबसे सटीक जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट babulalchaturvedicalendar.com को बुकमार्क कर लें। आपको और आपके परिवार को नव वर्ष की अग्रिम शुभकामनाएं! इस जानकारी को WhatsApp / Facebook पर शेयर करना न भूलें!